Published on Jun 14, 2026
Updated On: 12 Jul 2026
रांची: झारखंड सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में निष्क्रिय राशन कार्डों के सत्यापन का विशेष अभियान शुरू किया है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार ऐसे लाखों राशन कार्ड चिन्हित किए गए हैं, जिनसे लंबे समय से खाद्यान्न का उठाव नहीं हुआ है। अब इन सभी मामलों की जिला स्तर पर जांच कर पात्रता के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय समीक्षा में पाया गया कि बड़ी संख्या में ऐसे राशन कार्ड हैं जिनसे पिछले छह महीने से लेकर एक वर्ष या उससे अधिक समय से नियमित रूप से राशन नहीं लिया गया। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार करीब 8 लाख से अधिक लाभुक इस श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं।
सरकार का मानना है कि इनमें कुछ कार्ड ऐसे हो सकते हैं जो अब उपयोग में नहीं हैं या जिनकी पात्रता की दोबारा जांच आवश्यक है। इसी कारण सभी जिलों को भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि चिन्हित राशन कार्डधारियों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए। यदि जांच में कोई कार्ड लंबे समय से निष्क्रिय पाया जाता है या संबंधित परिवार योजना के पात्रता मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
सत्यापन अभियान के दौरान विभाग ने कुछ जिलों में डुप्लीकेट राशन कार्ड तथा रिकॉर्ड संबंधी विसंगतियों की भी पहचान की है। विशेष रूप से पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में ऐसे मामलों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक बताई गई है।
इसके अलावा कुछ रिकॉर्ड में लाभुकों की आयु या अन्य विवरणों में असामान्य प्रविष्टियाँ भी मिली हैं, जिनकी अलग से जांच की जा रही है।
विभागीय समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि राज्य में नए राशन कार्ड तथा परिवार के सदस्यों का नाम जोड़ने से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन अभी लंबित हैं। अधिकारियों को इन आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र परिवारों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि राशन कार्ड से संबंधित प्रक्रियाओं में e-KYC को प्राथमिकता दी जाए। विभाग का मानना है कि डिजिटल सत्यापन से रिकॉर्ड अधिक सटीक होंगे और अपात्र लाभुकों की पहचान करना आसान होगा।
यदि आपने लंबे समय से राशन प्राप्त नहीं किया है या आपके राशन कार्ड से संबंधित कोई आवेदन लंबित है, तो अपने संबंधित जन वितरण प्रणाली (PDS) डीलर या प्रखंड आपूर्ति कार्यालय से संपर्क कर स्थिति की जानकारी प्राप्त करें। यदि विभाग द्वारा सत्यापन के लिए बुलाया जाए, तो आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित हों।
झारखंड सरकार का यह विशेष सत्यापन अभियान सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खाद्यान्न का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभुकों तक ही पहुँचे तथा राशन कार्ड रिकॉर्ड अद्यतन बने रहें।
यह समाचार खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, झारखंड द्वारा जारी प्रशासनिक जानकारी एवं जिला स्तर पर उपलब्ध आधिकारिक अपडेट के आधार पर तैयार किया गया है। यदि विभाग द्वारा भविष्य में कोई नया आदेश या संशोधन जारी किया जाता है, तो प्रक्रिया में बदलाव संभव है।