Published on May 11, 2026
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में राशन कार्ड लाभुकों का विशेष सत्यापन अभियान शुरू किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा KPI Phase-2 के तहत चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य पात्र और अपात्र लाभुकों के रिकॉर्ड का सत्यापन करना है, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
प्रशासन के अनुसार प्रारंभिक सूची में शामिल लाभुकों का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
पोटका प्रखंड में लगभग 120 जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से अंत्योदय, प्राथमिक परिवार (PHH) और ग्रीन राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है।
प्रशासन द्वारा जारी प्रारंभिक सूची के अनुसार 11,227 लाभुकों के रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल सत्यापन सूची है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन के अनुसार अभियान के दौरान ऐसे मामलों का सत्यापन किया जा रहा है जिनमें पात्रता संबंधी जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।
इनमें शामिल हो सकते हैं—
प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच की जाएगी और केवल सत्यापन के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा।
जिला आपूर्ति विभाग ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक होने पर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया के दौरान लाभुकों के रिकॉर्ड का मिलान उपलब्ध सरकारी अभिलेखों से किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन पूरा होने से पहले किसी भी लाभुक के संबंध में अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।
इस विशेष अभियान का उद्देश्य पात्र लाभुकों की पहचान सुनिश्चित करना तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के रिकॉर्ड को अधिक अद्यतन और पारदर्शी बनाना है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यदि सत्यापन के दौरान किसी लाभुक से दस्तावेज़ या अतिरिक्त जानकारी मांगी जाती है, तो समय पर संबंधित अधिकारी या जन वितरण प्रणाली (PDS) डीलर से संपर्क कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे सत्यापन प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकेगी।
पोटका में शुरू हुआ यह विशेष सत्यापन अभियान झारखंड सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के रिकॉर्ड को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय केवल सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
स्रोत: जिला प्रशासन/जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO) द्वारा जारी आधिकारिक सूचना या संबंधित प्रेस विज्ञप्ति (यदि उपलब्ध हो तो उसका संदर्भ अवश्य जोड़ें)।